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“首来族”过半 台青山西古建中触摸中华文明根脉_我的网站

腹黑

A |     महावीर यादव, बादशाहपुर (गुरुग्राम)। गुरुग्राम में सदर बाजार की दुकानों को खाली कराने को लेकर डाली गई निष्पादन याचिका अदालत ने खारिज कर दी। इससे दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। तीन दिन पहले बाजार में हड़कंप मच गया था। दुकानों को खाली करने के आर्डर की जानकारी मिलते ही दुकानदार अदालत पहुंचे।,सिविल जज रूपम की अदालत ने बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता रामावतार गुप्ता एवं जेके महेश्वरी की दलील सुनने के बाद निष्पादन याचिका को खारिज कर दिया। अदालत को बताया गया कि पहले भी तीन बार याचिका खारिज की जा चुकी है। एक व्यक्ति अलग-अलग नाम से दुकानों के विवाद संबंधी मामले को लेकर अदालत में पहुंच जाता है।,रविवार को अदालत के आदेश पर दुकान खाली कराने का सदर बाजार के दुकानदारों ने विरोध किया। काफी संख्या में दुकानदार एकत्रित होकर थाना शहर पहुंचे। उन्होंने थाना प्रबंधक और एसीपी को दुकानों के मालिक आना हक के कागजात भी दिखाए।,पहले भी सिविल जज प्रगति राणा की अदालत ने 16 नवंबर 2022 को इसी संपत्ति से जुड़ी एक्जीक्यूशन याचिका यानी निष्पादन याचिका धोखाधड़ी और पूर्व आदेश को छिपाने पर खारिज कर दी थी। याचिका मृतक जयदेव अग्रवाल के कानूनी वारिस योगेंद्र अग्रवाल ने दायर की थी।,बचाव पक्ष के वकीलों ने आपत्ति दर्ज कर कहा कि याचिकाकर्ता ने अदालत से सच्चाई छुपाई है। पूर्व में इसी डिक्री पर दायर निष्पादन याचिका को अदालत पहले भी 22 मार्च 2017 को खारिज कर चुकी है। उस समय अदालत ने साफ तौर पर कहा था कि जयदेव अग्रवाल ने महत्वपूर्ण तथ्य छुपाकर धोखाधड़ी से डिक्री हासिल की थी। अब उसी मामले को नए रूप में प्रस्तुत कर अदालत से राहत लेने का प्रयास किया गया है। एक बार धोखाधड़ी से प्राप्त आदेश को कानून की नजर में शून्य घोषित किया जा चुका है इसलिए उस पर आगे कोई निष्पादन नहीं हो सकता।,इससे पूर्व अदालत ने इस मामले में जितेंद्र अग्रवाल के खुद के नाम से दायर की गई याचिका को भी खारिज कर दिया था। अदालत ने अब इस मामले में तीसरी बार याचिका को खारिज किया है। सदर बाजार में बेशकीमती इन दुकानों का मामला 75 सालों से विवादों में है। उस समय अदालत के आदेश पर इन दुकानों को नीलाम किया गया था। गुमानी राम के नाम रिकवरी के मामले में दुकानों की नीलामी की गई थी। 1943 में गुमानी राम ने इन दुकानों को सोहनलाल के नाम गिरवी रख दिया था। नीलामी में दो भाइयों ने दुकान खरीद ली थी। उनके नाम दुकानों की रजिस्ट्री भी हो गई थी।,वहीं नीलामी में दुकान खरीदने वाले दोनों भाइयों ने सोहनलाल से गिरवी का मामला भी सेटल कर लिया था। 1963 में सोहनलाल नामक व्यक्ति की मौत हो गई। 2006 में इस मामले को लेकर मृतक सोहनलाल के नाम माध्यम सुरेंद्र सिंह से याचिका दायर की गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद इस याचिका को खारिज कर दिया था।。

B |     中新网太原8月20日电 题:“首来族”过半 台青山西古建中触摸中华文明根脉            作者 耿莉莉 杨杰英            “站在雁门关,我感觉站在了历史里。”参加全国台联第二十三届台胞青年千人夏令营山西分营的台湾青年何渝薇在参观雁门关长城后对记者说,此前只存在于自己历史书与小说想象中的地方,“亲自站在这里,觉得很神奇”。                   8月16日,全国台联第二十三届台胞青年千人夏令营山西分营的营员们在大同云冈石窟合影留念。 耿莉莉 摄            8月15日至19日,全国台联第二十三届台胞青年千人夏令营山西分营在山西举行,台湾青年在5天时间里组团探访云冈石窟、应县木塔、雁门关、晋祠等地,在古建中触摸中华文明根脉。其中“首来族”比例在一半以上。           “我是读中文系的,之前在课本上读到一些历史故事,这次活动就提供了一个让我们‘走进’历史的机会,把这些东西真实呈现在我们眼前。

C | ”与何渝薇同行的台湾青年连唯证说。           “之前没有来过山西,只知道这里历史文化非常悠久。”台湾青年周玫卉坦言,此前山西于她而言只是书本上的一个遥远符号,但真正踏上这片土地后,“觉得比想象中更有特色,不管是古迹、建筑还是自然风景,都让我印象深刻”。           “通过亲自去看、去感受,再加上导游的讲解,我更深入地了解了山西,也进一步了解了我们的历史,找到了我们的根。”来自台湾的陈冠融在踏访云冈石窟、应县木塔等地后发出这样的感悟。

D |                    8月17日,台湾青年参观朔州应县木塔。

E |  耿莉莉 摄            周玫卉对此也深有共鸣:“我们有机会亲自走访山西,深入了解当地的历史、文化与风土人情。尤其看到许多熟悉的传统文化,更能感受到两岸之间共同的文化传承与情感连结,对‘同根同源’有了更直接、更深刻的体会。

F | ”            从云冈石窟的佛光东渐,到应县木塔的千年屹立;从雁门关的雄奇险峻,到晋祠的宋韵悠长……台湾青年们在行走中品读历史,在古建中触摸中华文明的根脉,也在“同根同源”的文化基因中,找到了跨越海峡的情感共鸣。(完)                【编辑:万纪玮】。

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Published on:15:52:17


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